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प्रतीकात्मक चित्र –The Wide Angle |
"जब भारत में धर्म, शिक्षा और दर्शन का स्वर्ण युग था, तब दुनिया के कोनों से यात्री यहां ज्ञान की खोज में आते थे।"
ऐसे ही दो महान चीनी यात्रियों --- फाह्यान (Faxian) और ह्वेनसांग (Xuanzang) --- ने भारत की यात्रा की और जो देखा, वह आज हमारे इतिहास की महत्वपूर्ण झलक बन गया है।
📖 1. फाह्यान की यात्रा (399--414 ई.)
🔹 कौन थे फाह्यान?
फाह्यान एक चीनी बौद्ध भिक्षु थे, जो बौद्ध ग्रंथों की खोज और बौद्ध धर्म की शुद्ध परंपराओं को समझने के लिए भारत आए।
🌍 यात्रा का मार्ग:
- चीन से चलकर वे सिंध, मथुरा, कन्नौज, श्रावस्ती, पाटलिपुत्र (पटना) होते हुए लंका (श्रीलंका) तक पहुँचे।
- उन्होंने 15 वर्षों तक भारत और आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण किया।
📜 उन्होंने भारत के बारे में क्या लिखा?
- भारत में बौद्ध धर्म की गहराई, संगठनबद्ध संघ, विहारों की व्यवस्था और साधु-संतों के अनुशासन की प्रशंसा की।
- उन्होंने लिखा कि मगध और उज्जैन जैसे क्षेत्र बौद्धिक गतिविधियों के केंद्र थे।
- पाटलिपुत्र को एक विशाल, सुगठित और समृद्ध नगर बताया।
- उन्होंने भारतीय समाज की धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक संरचना, और आजीविका के तरीके पर भी प्रकाश डाला।
📖 2. ह्वेनसांग की यात्रा (629--645 ई.)
🔹 कौन थे ह्वेनसांग?
🌍 यात्रा का मार्ग:
- उन्होंने 21 वर्षों तक भारत की यात्रा की, जिसमें वे गांधार, पंजाब, वाराणसी, प्रयाग, नालंदा, कांचीपुरम जैसे प्रमुख स्थानों पर गए।
- नालंदा विश्वविद्यालय में उन्होंने कई वर्षों तक अध्ययन किया।
📜 उन्होंने भारत के बारे में क्या लिखा?
- भारत की शैक्षणिक व्यवस्था की जमकर प्रशंसा की, खासकर नालंदा विश्वविद्यालय की, जहाँ 10,000 से अधिक विद्यार्थी और 1,000 शिक्षक थे।
- उन्होंने यह भी देखा कि भारत में हिंदू धर्म का प्रभाव बढ़ रहा था, जबकि बौद्ध धर्म क्षीण हो रहा था।
- राजा हर्षवर्धन को एक न्यायप्रिय, धर्मनिष्ठ और प्रजा के हितैषी शासक बताया।
- भारत में विभिन्न जातियों, भाषाओं और रीति-रिवाजों का उल्लेख किया, जिससे आज हमें उस युग की सामाजिक संरचना का अनुमान मिलता है。
🔍 फाह्यान और ह्वेनसांग की दृष्टि में भारत
| विषय | फाह्यान की दृष्टि | ह्वेनसांग की दृष्टि |
|---|---|---|
| धर्म | बौद्ध धर्म का उत्कर्ष | बौद्ध धर्म क्षीण, हिंदू धर्म का प्रभाव |
| शिक्षा | अध्ययन केंद्र सीमित | नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों की उन्नति |
| शासन | समृद्ध राज्य, कानूनी व्यवस्था | संगठित प्रशासन, धर्म आधारित राज्य |
| समाज | सहिष्णुता, धार्मिक स्वतंत्रता | जातीय विविधता, सांस्कृतिक समृद्धि |
🧭 निष्कर्ष
आज जब हम भारतीय इतिहास की बात करते हैं, तो इन यात्रियों के प्रेक्षण और यात्रा-वृत्तांत इतिहास को अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणों के साथ देखने में मदद करते हैं।
📌 क्या आप जानते हैं?
ह्वेनसांग के यात्रा-वृत्तांत "Great Tang Records on the Western Regions" को आज भी भारत और चीन के सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण माना जाता है।
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